@santa_banta : पलकों मे कैद कुछ सपनें है, कुछ अपने हैं और कुछ बेगाने हैं, न जाने क्या कशिश है इन ख़्यालों में कुछ लोग दूर् होकर भी कितने अपने हैं। #Judaai
@santa_banta : पलकों मे कैद कुछ सपनें है, कुछ अपने हैं और कुछ बेगाने हैं, न जाने क्या कशिश है इन ख़्यालों में कुछ लोग दूर् होकर भी कितने अपने हैं। #Judaai (via Twitter http://twitter.com/santa_banta/status/647013776517001216)
No comments:
Post a Comment